Wednesday, August 13, 2025

राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस (National Librarian’s Day)

राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस (National Librarian’s Day)



    1. 12 अगस्त को भारत में 'राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस' (National Librarian’s Day) के रूप में मनाया जाता है, यह पुस्तकालय विज्ञान के राष्ट्रीय प्रोफेसर डॉ. एस. आर. रंगनाथन (1892-1972) की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने भारत में पुस्तकालय विकास का नेतृत्व किया। उनकी जीवनी निम्नलिखित है-
  1. पूरा नाम: श्रीराममूर्ति रंगनाथन (Shiyali Ramamrita Ranganathan)
    जन्म: 9 अगस्त 1892, शिवगंगई, तमिलनाडु, भारत
    मृत्यु: 27 सितंबर 1972, बैंगलोर, कर्नाटक, भारत
    पेशे: पुस्तकालय विज्ञानी (Librarian), शिक्षक, गणितज्ञ, लेखक


    परिचय:

    डॉ. एस. आर. रंगनाथन भारत के महान पुस्तकालय वैज्ञानिक माने जाते हैं। उन्हें "पुस्तकालय विज्ञान का जनक" (Father of Library Science in India) कहा जाता है। उन्होंने भारत में आधुनिक पुस्तकालय प्रणाली की नींव रखी और पुस्तकालय विज्ञान को एक विधिवत शैक्षणिक विषय के रूप में स्थापित किया।


    प्रारंभिक जीवन और शिक्षा:

    रंगनाथन का जन्म तमिलनाडु के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालयों में प्राप्त की और फिर मद्रास (अब चेन्नई) के प्रेसिडेंसी कॉलेज से गणित में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। वे गणित के अध्यापक बने लेकिन बाद में उनका झुकाव पुस्तकालय विज्ञान की ओर हुआ।


    पुस्तकालय विज्ञान में योगदान:

    1924 में रंगनाथन को मद्रास विश्वविद्यालय का पुस्तकालयाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके लिए उन्हें इंग्लैंड जाकर लाइब्रेरी साइंस की ट्रेनिंग लेनी पड़ी। वहां उन्होंने ब्रिटिश पुस्तकालय प्रणाली का अध्ययन किया और लौटकर भारत में कई नवाचार किए।

    उनका सबसे प्रसिद्ध योगदान है:

    1. पुस्तकालय विज्ञान के पाँच नियम (Five Laws of Library Science):

    1. पुस्तकों का उपयोग करें। (Books are for use.)

    2. हर पाठक के लिए पुस्तक। (Every reader his/her book.)

    3. हर पुस्तक के लिए पाठक। (Every book its reader.)

    4. समय और श्रम की बचत करें। (Save the time of the reader.)

    5. पुस्तकालय एक जीवित निकाय है। (The library is a growing organism.)


    2. कॉलोन क्लासिफिकेशन (Colon Classification):

    यह एक वैज्ञानिक विधि है जिससे पुस्तकें विषय के अनुसार वर्गीकृत की जाती हैं। यह एक जटिल लेकिन लचीली प्रणाली है जो समय के साथ पुस्तकालयों में बहुत उपयोगी साबित हुई।


    अन्य योगदान:

    • भारत में पुस्तकालय शिक्षा को बढ़ावा देना

    • मद्रास विश्वविद्यालय में लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई शुरू कराना

    • अनेक ग्रंथ और शोध-पत्र प्रकाशित करना (60+ पुस्तकें और 200 से अधिक लेख)

    • इंडियन लाइब्रेरी एसोसिएशन की स्थापना में योगदान


    सम्मान:

    • 1957 में उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी उनके योगदान को सराहा गया।

    • भारत में 12 अगस्त को "राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस" (National Library Day) के रूप में मनाया जाता है, जो उनके जन्मदिवस (9 अगस्त) के निकट रखा गया है।


    निधन:

    डॉ. एस. आर. रंगनाथन का निधन 27 सितंबर 1972 को हुआ, लेकिन उनका कार्य आज भी पुस्तकालय विज्ञान की नींव है।

Tuesday, August 12, 2025

विश्व आदिवासी दिवस

 पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गढ़वा


विश्व आदिवासी दिवस 

On the occasion of the Diamond Jubilee Celebration of the Bharat Scouts and Guides

विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त 2025 के अवसर पर पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, गढ़वा में OBSERVATION OF WORLD TRIBAL DAY – “VANVASI VARTALAP”. कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत के महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के योगदान को स्मरण करना और समाज में उनकी पहचान एवं अधिकारों को सम्मान देना था। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा पर आधारित एक प्रेरणादायक भाषण था। भाषण में बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। बिरसा मुंडा का संदेश आज भी प्रासंगिक है – यह संदेश कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने हक के लिए जागरूक होना चाहिए और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की झलकियां निम्नलिखित हैं।


Ek Rakhi....Raksha Ki

 पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गढ़वा


Bharat Scouts & Guides, National Headquarters, has initiated a special campaign titled “Celebration of Raksha Bandhan with a Pledge to Save and Protect a Tree”-

(Ek Rakhi....Raksha Ki)

भारत स्काउट्स और गाइड्स, राष्ट्रीय मुख्यालय के निर्देशानुसार रक्षाबंधन पर्व वृक्ष रक्षा संकल्प के साथ” विशेष अभियान का आयोजन 09-08-2025 को विद्यालय में उत्साहपूर्वक किया गया। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और वृक्षों की महत्ता को रेखांकित करना था। इस अभियान के अंतर्गत स्काउट्स एवं गाइड्स ने परंपरागत रक्षाबंधन उत्सव को एक नए दृष्टिकोण से मनाया। भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक इस पर्व पर छात्रों ने पेड़ों को राखी बाँधकर उन्हें संरक्षित करने का संकल्प लिया। इस दौरान स्काउट्स-गाइड्स ने न केवल पेड़ों को राखी बाँधी, बल्कि वृक्षारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। कार्यक्रम की झलकियां निम्नलिखित हैं।

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गढ़वा के नव निर्मित भवन का उद्घाटन

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गढ़वा के नव निर्मित भवन का उद्घाटन

शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में, प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI) योजना के अंतर्गत निर्मित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गढ़वा के नव निर्मित भवन का उद्घाटन  केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा आज 29 जुलाई 2025 को भव्य समारोह में किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय विद्यालय संगठन, शिक्षा मंत्रालय, स्थानीय प्रशासन, विद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, अभिभावक तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत एवं दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

नव निर्मित भवन में सुसज्जित कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, डिजिटल पुस्तकालय, बहुउद्देशीय सभागार तथा वर्षा जल संचयन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह भवन शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देता है।

कार्यक्रम की झलकियां निम्नलिखित हैं।






Tuesday, July 15, 2025

National Reading Day 19th June 2025

  CELEBRATION OF READING DAY, READING WEEK 

AND 

READING MONTH

In memory of honoring the father of the “Library Movement in Kerala” Late Shri Puthuvayil Narayana Panicker popularly known as P. N. Panicker, country is celebrating Reading Day starting from 19 June, Reading Week from 19 June to 25 June and Reading Month from 19 June to 18 July 2023. Various activities will be conducting by the Library KV Garhwa starting from Reading Day Pledge on 19 June.

National Reading Day is observed on P.N. Panicker’s death anniversary and serves as a tribute to his vision, passion, and unwavering commitment to promoting reading as a means of personal and societal growth. It encourages individuals to celebrate the joys of reading, explore the wealth of knowledge available in books, and recognize the transformative power of reading in shaping individuals and communities.
National Reading Day originated as a tribute to P.N. Panicker’s contributions to the literacy movement in India. P. N. Panicker was a teacher and founder of the library movement in Kerala. He was born on 1stMarch 1909 and breathed his last on 19th June 1995.
Important Information on National Reading Day
  • Prime Minister Narendra Modi launched the 22nd national reading day and digital reading month celebrations in June 2017 on his visit to Kerala.
  • He also appealed to promote “Read and Grow” to at least 300 million people over the nation by 15th August 2022.
  • Lastly, he governed the P.N. Panicker Foundation to propagate digital reading and usage of digital technology in education in 2017.
  • The P N Panicker Foundation and P N Panicker Vigyan Vikas Kendra have been observing the national reading day, reading week and reading month since June 19, 1996.

                            Some Glimpses of event in School