Thursday, August 13, 2026

राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस

 

📚✨ राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस ✨📚

12 अगस्त | National Librarian’s Day



🌟 पुस्तकालय – ज्ञान की दुनिया का प्रवेश द्वार!

हर वर्ष 12 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस (National Librarian’s Day) मनाया जाता है। यह दिवस भारत में पुस्तकालय विज्ञान के महान विद्वान डॉ. एस. आर. रंगनाथन (Dr. S. R. Ranganathan) की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।

डॉ. रंगनाथन ने भारत में पुस्तकालयों के विकास और पुस्तकालय विज्ञान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें “भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक” (Father of Library Science in India) के रूप में जाना जाता है।


👨‍🏫 कौन थे डॉ. एस. आर. रंगनाथन?

पूरा नाम: डॉ. शियाली रामामृत रंगनाथन
जन्म: 12 अगस्त 1892
निधन: 27 सितंबर 1972
पेशा: पुस्तकालय विज्ञानी, शिक्षक, गणितज्ञ और लेखक

डॉ. एस. आर. रंगनाथन ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा पुस्तकों, पुस्तकालयों और शिक्षा के विकास के लिए समर्पित किया।

उन्होंने यह समझाने का प्रयास किया कि पुस्तकालय केवल किताबों को रखने का स्थान नहीं, बल्कि ज्ञान और सीखने का केंद्र है।


📚 डॉ. रंगनाथन के पाँच प्रसिद्ध नियम

डॉ. रंगनाथन ने पुस्तकालय विज्ञान के पाँच महत्वपूर्ण नियम बताए, जो आज भी बहुत प्रसिद्ध हैं:

1️⃣ Books are for Use

📖 पुस्तकें उपयोग के लिए हैं।

किताबें केवल अलमारी में रखने के लिए नहीं, बल्कि पढ़ने और ज्ञान प्राप्त करने के लिए होती हैं।

2️⃣ Every Reader His/Her Book

👦👧 हर पाठक के लिए उसकी पुस्तक।

हर व्यक्ति की रुचि और आवश्यकता के अनुसार उसे उपयुक्त पुस्तक मिलनी चाहिए।

3️⃣ Every Book Its Reader

📚 हर पुस्तक का अपना पाठक होता है।

हर पुस्तक किसी न किसी पाठक के लिए उपयोगी हो सकती है।

4️⃣ Save the Time of the Reader

पाठक का समय बचाएँ।

पुस्तकालय की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि पाठक को अपनी आवश्यकता की पुस्तक आसानी से मिल सके।

5️⃣ Library is a Growing Organism

🌱 पुस्तकालय एक विकसित होता हुआ जीव है।

समय के साथ पुस्तकालय में नई पुस्तकें, नई तकनीक और नई सेवाएँ जुड़ती रहती हैं।


🔖 कॉलोन क्लासिफिकेशन

डॉ. रंगनाथन का एक महत्वपूर्ण योगदान Colon Classification था।

यह पुस्तकों को उनके विषय के आधार पर व्यवस्थित और वर्गीकृत करने की एक वैज्ञानिक प्रणाली है। इससे पुस्तकालय में पुस्तकों को व्यवस्थित रखना और आवश्यक पुस्तक को ढूँढ़ना आसान होता है।


🌟 उनके प्रमुख योगदान

डॉ. एस. आर. रंगनाथन ने:

📚 भारत में पुस्तकालय शिक्षा को बढ़ावा दिया।
🎓 पुस्तकालय विज्ञान को एक शैक्षणिक विषय के रूप में विकसित करने में योगदान दिया।
🔖 पुस्तकों के वर्गीकरण की वैज्ञानिक पद्धति विकसित की।
📖 पुस्तकालयों को अधिक उपयोगी और पाठक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया।
✍️ पुस्तकालय विज्ञान से संबंधित अनेक पुस्तकें और लेख लिखे।


🏆 सम्मान

डॉ. रंगनाथन के महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें 1957 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

उनके विचारों और कार्यों का प्रभाव आज भी भारत और विश्व के पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में देखा जाता है।


💡 पुस्तकालयाध्यक्ष की भूमिका

एक पुस्तकालयाध्यक्ष (Librarian) केवल किताबों की देखभाल करने वाला व्यक्ति नहीं होता।

पुस्तकालयाध्यक्ष विद्यार्थियों को:

📖 सही पुस्तक चुनने में मदद करता है।
🔎 आवश्यक जानकारी खोजने में सहायता करता है।
📚 पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित करता है।
💡 ज्ञान और नई जानकारी से जोड़ता है।
🌱 एक अच्छा और जिम्मेदार पाठक बनने में सहायता करता है।


🎯 हमारा पुस्तकालय संकल्प!

📚 “पुस्तकालय जाएँ, पुस्तक पढ़ें और ज्ञान बढ़ाएँ!”

आइए, हम सभी संकल्प लें:

✅ हम नियमित रूप से पुस्तकालय जाएँगे।
✅ पुस्तकों को साफ-सुथरा और सुरक्षित रखेंगे।
✅ अपनी रुचि की अच्छी पुस्तकें पढ़ेंगे।
✅ पुस्तकालय के नियमों का पालन करेंगे।
✅ अपने मित्रों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।


🌈 याद रखें...

“एक अच्छा पुस्तकालय, एक बेहतर भविष्य की नींव रखता है।” 📚✨

📖 READ • LEARN • EXPLORE • GROW 📖

📚 पुस्तकालय से जुड़ें – पढ़ने की आदत बढ़ाएँ – ज्ञान की दुनिया में आगे बढ़ें! 📚

विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ नीचे दी गई हैं।



Saturday, June 20, 2026

राष्ट्रीय पठन दिवस


📚✨ राष्ट्रीय पठन दिवस ✨📚

19 जून | National Reading Day

🌟 पढ़ें, सीखें और आगे बढ़ें!

हर वर्ष 19 जून को भारत में राष्ट्रीय पठन दिवस (National Reading Day) मनाया जाता है। यह दिवस केरल में पुस्तकालय आंदोलन के जनक माने जाने वाले श्री पी. एन. पनिक्कर (P. N. Panicker) की स्मृति में मनाया जाता है।

इस दिन का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों में पढ़ने की आदत विकसित करना, पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाना और यह समझाना है कि पढ़ना हमारे व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।


👨‍🏫 कौन थे पी. एन. पनिक्कर?

श्री पुथुवायल नारायण पनिक्कर, जिन्हें प्यार से पी. एन. पनिक्कर कहा जाता है, एक शिक्षक और समाजसेवी थे।

📅 जन्म: 1 मार्च 1909
📅 निधन: 19 जून 1995

उन्होंने केरल में पुस्तकालय आंदोलन और साक्षरता के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मानना था कि पुस्तकें और पढ़ने की आदत व्यक्ति तथा समाज दोनों को बेहतर बना सकती हैं।

उनके योगदान को सम्मान देने के लिए उनकी पुण्यतिथि 19 जून को राष्ट्रीय पठन दिवस के रूप में मनाया जाता है।


📖 Reading Day, Reading Week & Reading Month

राष्ट्रीय पठन दिवस के अवसर पर विभिन्न पठन गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं:

📕 Reading Day

19 जून

विद्यार्थियों को पढ़ने के महत्व के बारे में बताया जाता है और Reading Day Pledge दिलाई जाती है।

📗 Reading Week

19 जून से 25 जून

पूरे सप्ताह विद्यार्थियों के लिए पुस्तक पठन, कहानी वाचन, पुस्तक चर्चा, कविता पाठ और अन्य रोचक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।

📘 Reading Month

19 जून से 18 जुलाई

पूरे एक महीने तक विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तक पढ़ने और अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रेरित किया जाता है।


💡 पढ़ना क्यों जरूरी है?

पुस्तकें हमारी ज्ञान की खिड़की हैं। 📚

पढ़ने से हम:

🧠 अपनी सोचने और समझने की क्षमता बढ़ाते हैं।
📖 नई-नई बातें सीखते हैं।
✨ अपनी कल्पनाशक्ति को विकसित करते हैं।
🗣️ भाषा और शब्दावली बेहतर बनाते हैं।
✍️ लिखने और अभिव्यक्ति की क्षमता सुधारते हैं।
🌍 दुनिया और विभिन्न संस्कृतियों को समझते हैं।
😊 आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।


एक महत्वपूर्ण पहल

जून 2017 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केरल की यात्रा के दौरान 22वें National Reading Day और Digital Reading Month समारोह का शुभारंभ किया।

उन्होंने देशभर में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के लिए “Read and Grow” का संदेश दिया।

P. N. Panicker Foundation और P. N. Panicker Vigyan Vikas Kendra द्वारा भी राष्ट्रीय पठन दिवस, पठन सप्ताह और पठन माह से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है।


🎯 हमारा Reading Challenge!

📚 “हर दिन पढ़ें – हर दिन सीखें!”

आइए, हम सभी मिलकर संकल्प लें:

✅ मैं प्रतिदिन कम से कम 20 मिनट पुस्तक पढ़ूँगा/पढ़ूँगी।
✅ मैं अपनी पसंद की अच्छी पुस्तकें पढ़ूँगा/पढ़ूँगी।
✅ मैं अपने मित्रों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करूँगा/करूँगी।
✅ मैं पुस्तकों और पुस्तकालय का सम्मान करूँगा/करूँगी।


🌈 याद रखें...

“Reading is to the mind what exercise is to the body.”

📖 पढ़ना ज्ञान है, पढ़ना शक्ति है और पढ़ना विकास की पहली सीढ़ी है!

📚❤️ READ • LEARN • GROW ❤️📚



Thursday, April 23, 2026

विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस


📚✨ विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस ✨📚

23 अप्रैल | World Book & Copyright Day

🌍 किताबों के साथ एक खूबसूरत सफर!

क्या आपको किताबें पढ़ना पसंद है? 📖
क्या आपने कभी सोचा है कि किताबें हमारी सबसे अच्छी दोस्त क्यों कहलाती हैं?

किताबें हमें नई-नई बातें सिखाती हैं, हमारी कल्पनाशक्ति बढ़ाती हैं, ज्ञान का विस्तार करती हैं और हमें दुनिया के अलग-अलग लोगों एवं संस्कृतियों से परिचित कराती हैं।

इसीलिए हर वर्ष 23 अप्रैल को पूरे विश्व में विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाया जाता है।


🌟 यह दिन क्यों मनाया जाता है?

विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस का मुख्य उद्देश्य है:

📖 पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना
🧠 ज्ञान और कल्पनाशक्ति का विकास करना
🌍 विभिन्न संस्कृतियों को समझना
✍️ लेखकों और रचनाकारों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना
📚 हर व्यक्ति तक पुस्तकों की पहुँच सुनिश्चित करना

किताबें हमें अतीत से जोड़ती हैं, भविष्य के लिए तैयार करती हैं और अलग-अलग पीढ़ियों एवं संस्कृतियों के बीच पुल का काम करती हैं।


🗓️ 23 अप्रैल ही क्यों?

23 अप्रैल साहित्य की दुनिया में एक बहुत महत्वपूर्ण तारीख है।

इस दिन कई प्रसिद्ध साहित्यकारों का निधन हुआ था, जिनमें:

विलियम शेक्सपियर
मिगुएल डी सर्वांतेस
इंका गार्सिलासो डी ला वेगा

शामिल हैं।

इसी कारण 1995 में यूनेस्को (UNESCO) ने 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।


📚 2026 की थीम

2026 के लिए UNESCO ने कोई अलग आधिकारिक “Theme” घोषित नहीं किया है। UNESCO के आधिकारिक 2026 पेज पर दिवस का मुख्य संदेश “A celebration of the power of books” दिया गया हैl 2026 में Rabat (Morocco) को UNESCO World Book Capital चुना गया है और इसका वर्षभर का मुख्य जोर पुस्तकों तक पहुँच, साक्षरता, पढ़ने की संस्कृति तथा युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने पर है।


🕰️ थोड़ा सा इतिहास

🌹 1926

स्पेन के कैटेलोनिया में 23 अप्रैल को संत जॉर्ज दिवस के रूप में मनाया जाता था। इस दिन लोग एक-दूसरे को गुलाब और किताबें उपहार में देते थे।

📖 1952

यूनेस्को ने शिक्षा और मानव जीवन में पुस्तकों के महत्व को स्वीकार किया।

✍️ 1990

विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) लेखकों और रचनाकारों के अधिकारों की सुरक्षा के प्रयासों से जुड़ा।

🌎 1995

यूनेस्को ने आधिकारिक रूप से 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस घोषित किया।

🎉 आज

यह दिवस दुनिया के 100 से अधिक देशों में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है।


©️ कॉपीराइट क्या है?

जब कोई लेखक कोई कहानी, कविता, पुस्तक, चित्र या अन्य रचना बनाता है, तो उस रचना पर उसके अधिकार होते हैं।

इन्हीं अधिकारों की सुरक्षा को कॉपीराइट (Copyright) कहा जाता है।

👉 इसलिए हमें किसी की रचना को बिना अनुमति अपना बताकर उपयोग नहीं करना चाहिए।

याद रखें:

“किताब पढ़ें, ज्ञान बढ़ाएँ और लेखक की रचना का सम्मान करें।” ❤️📚


💡 किताबें हमारी अच्छी दोस्त क्यों हैं?

📚 किताबें हमें ज्ञान देती हैं।
🌈 हमारी कल्पनाशक्ति को उड़ान देती हैं।
🗣️ हमारी भाषा और अभिव्यक्ति बेहतर बनाती हैं।
🧠 सोचने और समझने की क्षमता बढ़ाती हैं।
🌍 हमें दुनिया और विभिन्न संस्कृतियों से परिचित कराती हैं।
😊 पढ़ने की अच्छी आदत विकसित करती हैं।


🎯 आज का छोटा-सा संकल्प

**“मैं प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पढ़ूँगा/पढ़ूँगी।

मैं पुस्तकों का सम्मान करूँगा/करूँगी।
मैं दूसरों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करूँगा/करूँगी।”** 📖✨

🌟 READ • LEARN • IMAGINE • GROW 🌟

📚 एक अच्छी किताब आपका सबसे अच्छा साथी बन सकती है!

Sunday, April 19, 2026

पुस्तकालय अभिमुखीकरण कार्यक्रम

पुस्तकालय अभिमुखीकरण कार्यक्रम(Library Orientation Program)

कक्षा VI-A के विद्यार्थियों के लिए दिनांक 17-04-2026 को कक्षा में पुस्तकालय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को पुस्तकालय का भ्रमण कराया गया तथा उन्हें पुस्तकालय में उपलब्ध संसाधनों एवं पुस्तकालय के नियमों से परिचित कराया गया। सभी विद्यार्थी सूचना के इस केंद्र की दुनिया में प्रवेश करके बहुत प्रसन्न हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति एवं पठन कौशल का विकास करना तथा उन्हें एक अच्छा और आजीवन पाठक बनने के लिए प्रेरित करना था। विद्यार्थियों ने अपनी खुशी एवं उत्साह व्यक्त किया।

कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ नीचे दी गई हैं—




Thursday, April 16, 2026

KAHANI SE KALAM TAK 2.0

KAHANI SE KALAM TAK 2.0(कहानी से कलम तक 2.0)


दिनांक 10 अप्रैल 2026 को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गढ़वा के पुस्तकालय में “कहानी से कलम तक 2.0” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक लेखन कौशल का विकास करना तथा उन्हें कहानियों के माध्यम से अपने विचारों को अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के स्वागत के साथ हुई। इस अवसर पर एक अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) का भी आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों को इस योजना से परिचित कराया गया। शिक्षकों ने कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य एवं इसके विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की और विद्यार्थियों को घर पर भी लेखन एवं पठन के लिए प्रेरित करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पठन-पाठन एवं लेखन के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को कहानी लेखन, विचार अभिव्यक्ति एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति, शब्द भंडार एवं आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होते हैं।

विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया और विभिन्न गतिविधियों में रुचि दिखाई। इस पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों को कहानी से विचार विकसित कर उसे लेखन के रूप में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। “कहानी से कलम तक 2.0” विद्यार्थियों में साहित्यिक रुचि एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम की झलकियाँ








Friday, March 27, 2026

पुस्तकोपहार 2026


पुस्तकोपहार 2026

हरित पहल (Go Green Initiative) और हमारे पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से केवीएस की पहल “पुस्तकोपहार 2026” का आयोजन केवी गढ़वा में 28-03-2026 से बड़े उत्साह के साथ किया जाएगा। विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं को इस पहल में सादर आमंत्रित किया जाता है, ताकि वे पुस्तकों का पुनः उपयोग करके पर्यावरण और पेड़ों को बचाने में योगदान दे सकें। यह केवीएस की एक पर्यावरण अनुकूल पहल है। सभी छात्र एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें, कहानी की किताबें और सामान्य पुस्तकें दान कर सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि पुराने सिलेबस की पुस्तकें और क्षतिग्रस्त (फटी/टूटी) किताबें न लाएं।

कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ निम्नलिखित हैंl
    



Monday, March 9, 2026

BOOK FAIR

BOOK FAIR

LIBRARY PM SHRI KENDRIYA VIDYALAYA GARHWA organises BOOK FAIR in school library on 26-02-2026 with great zeal and enthusiastic and support from all staff in direction of I/C P RINCIPAL MR. SANJAY KUMAR SINGH(PGT-MATHS). 
STUDENTS AS WELL AS TEACHERS ARE VERY HAPPY TO BE A PART OF BOOK FAIR. THIS BOOK FAIR ACTIVITY WILL ENHANCE THEIR READING SKILLS AND PROMOTE READING HABIT AMONG ALL.
SOME GLIMPSES OF EVENT ARE FOLLOWING-






LIBRARY COMMITTEE MEETING

LIBRARY COMMITTEE MEETING

LIBRARY PM SHRI KENDRIYA VIDYALAYA organizes Library Committee Meeting Quarter IV ON 12-02-2026 UNDER THE INCHARGE PRINCIPAL MR. SUJEET KUMAR PATEL (PGT-BIOLOGY)
to discuss various issues related to library and instruction of RO Ranchi. Some glimpses of event are following-



READING PROMOTION WEEK

READING PROMOTION WEEK

Under PM SHRI scheme PM SHRI KENDRIYA VIDYALAYA GARHWA organized Reading Promotion Week in school some of the glimpses of event are following-
















Monday, December 15, 2025

KVS FOUNDATION DAY CELEBRATION

 KVS FOUNDATION DAY CELEBRATION 2025

Kendriya Vidyalaya Sangathan (KVS) Foundation Day is celebrated every year on 15th December to commemorate the establishment of KVS in 1963. The day highlights the mission of KVS to provide quality, value-based education and promote national integration among students across India. The occasion inspires students to uphold the ideals of KVS and strive for academic excellence and responsible citizenship.On this day in PM Shri Kendriya Vidyalaya Garhwa organizes various events like special assembly program having speech, song and dance with art exhibition in library.

Some glimpses of program are following-








Thursday, December 11, 2025

ANNUAL DAY CELEBRATION- SPANDAN 2025

 ANNUAL DAY CELEBRATION- SPANDAN 2025

The Annual Day Celebration, SPANDAN 2025, was celebrated with great enthusiasm and splendour at our school, showcasing the creativity, confidence, and cultural richness of the students. The programme aimed to highlight the holistic development of learners through art, music, dance, and drama. The celebration began with the lighting of the ceremonial lamp, followed by a warm welcome of the distinguished guests. The Principal presented the Annual Report, highlighting the school’s academic achievements, co-curricular excellence, and milestones attained during the session. The guests appreciated the efforts of the students and staff in maintaining high standards of education and discipline. A vibrant cultural programme captivated the audience, featuring classical and folk dances, group songs, skits, and thematic performances that conveyed messages of unity, environmental awareness, and social harmony. The students’ performances reflected dedication, teamwork, and artistic excellence. Special appreciation was given to the teachers and coordinators for their guidance and meticulous planning. The event also included the felicitation of meritorious students for their outstanding achievements in academics, sports, and co-curricular activities, motivating others to strive for excellence. SPANDAN 2025 concluded on a joyful note with a vote of thanks, leaving behind cherished memories and a renewed sense of pride in the school community. The celebration truly lived up to its name, symbolizing the heartbeat of talent, culture, and collective spirit. Some glimpses of event are following-

      
LIBRARY BEST READER TEACHER SESSION 2024-25

LIBRARY BEST READER STUDENT SESSION 2024-25








NATIONAL LIBRARY WEEK

 

NATIONAL LIBRARY WEEK 14 to 20 November

ILA (Indian Library Association) declared 14-20 November as National Library Week all over India Since 1968 and various programs are organized to let the public know about the libraries and boost to promote the reading habits.

National Library Week is an annual celebration highlighting the valuable role of libraries, librarians, and library workers who plays in transforming lives and strengthening our communities. National Library Week celebration is a boost to promote the reading habits among the students. 

Andhra Pradesh Library Association organized an All-India Library Meeting on 12 November 1912 in Madras. This meeting led to the forming of Indian Library Association. Later ILA declared 14 November as National Library Day. Since 1968, 14–20 November has been celebrated as National Library Week all over India and various programs are organized to let the public know about the libraries.

Program at PM Shri Kendriya Vidyalaya Garhwa
Book Exhibition of New Arrivals on 14 November 2025. Some glimpses of Program at PM Shri Kendriya Vidyalaya Garhwa are following-

Thursday, September 11, 2025

"कठिन शब्द खोज" गतिविधि

"कठिन शब्द खोज" गतिविधि

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पुस्तकालय , गढ़वा में आयोजित "कठिन शब्द खोज" गतिविधि सफल रही। इससे छात्रों में पठन रुचि, जागरूकता तथा भाषा के प्रति प्रेम को बढ़ावा मिला। समाचार पत्र आधारित इस "शब्द खोज" गतिविधि का उद्देश्य छात्रों की शब्दावली, त्वरित पठन क्षमता और समाचार पत्र के प्रति रुचि को बढ़ावा देना था। साथ ही, इसका लक्ष्य छात्रों को सूचना स्रोतों की पहचान और तर्कशक्ति के विकास की दिशा में प्रेरित करना था।इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य छात्रों की शब्दावली, वर्तनी, पठन कौशल तथा पुस्तकालय के संसाधनों की जानकारी बढ़ाना था, ताकि वे सीखने की प्रक्रिया को खेल के माध्यम से रोचक बना सकें।